General Rules

General Rules

विद्यार्थियों के लिए निर्देष

1. प्रत्येक विद्यार्थी को विद्यालय के बाहर और कक्षा में सम्पूर्ण नियमों का पालन करना और अनुशासित रहना होगा।
2. विद्यालय में अध्ययन काल के समय अनुशासित रहना विद्यार्थियों का परम कर्त्तव्य है। शान्त वातावरण में ही गम्भीर अध्ययन सम्भव है।
3. विद्यालय में और बाहर विनम्र एवं अच्छा व्यवहार करना और हर जगह ईमानदारी और सच्चाई का बर्ताव करना विद्यार्थी का कर्त्तव्य है यह भी याद रखना चाहिए कि उनका चरित्र ही विद्यालय स्वरूप का माप दण्ड है।
4. अपने आचरण एवं बोली में विनम्रता बर्ते। सबके प्रति विनम्र एवं दयालु बनें। माता - पिता तथा गुरूजनों का आदर करें।
5. पहली घण्टी बजने से पूर्व सभी विद्यार्थियों को स्कूल प्रांगण में पहुँचना अनिवार्य है।
6. विद्यार्थियों को चाहिए कि वे सदैव साफ - सुथरे विद्यालय गणवेश (यूनीफार्म) धारण करके ही विद्यालय में आयें और अच्छा आचरण करें तथा विद्यालय प्रांगण को साफ - सुथरा रखने में सहयोग प्रदान करें। इसलिए हर विद्यार्थी के पास दो जोड़ी विद्यालय गणवेश (यूनीफार्म) होना अनिवार्य है।
7. आम सभा के लिए कक्षा में एवं कक्षा से बाहर जाते समय पूर्ण रूप से शान्त रहें , यद्यपि अध्यापक रहें या न रहें।
8. प्रार्थना सभा की पहली घण्टी लगते ही सभी छात्र/छात्राएंँ प्रार्थना स्थल पर पंक्तिबद्ध रूप से शान्ति पूर्वक उपस्थ्ति होंगे तथा कक्षा में जाते समय भी शान्तिपूर्वक कक्षा में प्रवेश करेंगे।
9. सार्वजनिक सम्पत्ति और स्कूल सम्पत्ति की सुरक्षा करना प्रत्येक छात्र/छात्रा अपना उत्तरदायित्व समझें। किसी भी चीज की क्षति या तोड़ - फोड़ करने पर दण्डित मूल्य देना होगा।
10. सभी छात्रों को अपनी प्रत्येक वस्तु पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उसके खो जाने पर विद्यालय उत्तरदायी नहीं होगा।
11. रद्दी कागज, जूठन, आदि चीजें इधर - उधर न फेंक कर कक्षा में रखे कूड़ेदान में ही डालना चाहिए।
12. शिक्षक - कक्ष तथा दूसरे कक्षाओं में बिना आदेश के विद्यार्थियों का प्रवेश निषेध है।
13. प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या की अनुमति के बिना कोई छात्र विद्यालय परिसर के बाहर नहीं जा सकता है। इसका उल्लंघन करने वाले छात्र को पुनः कक्षा में बैठने के लिए अभिभावक का पत्र प्रस्तुत करना होगा।
14. देर से आने वाले छात्रों को कक्षा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी। लगातार देर से आने वाले छात्र/ छात्राओं को माता/पिता, संरक्षक के साथ प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या से मिलना होगा।
15. विद्यार्थियों को प्रत्येक दिन समय पर उपस्थित होना आवश्यक है। कक्षोन्नति के लिए कम से कम 80ः न्यूनतम उपस्थिति आवश्यक है। वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए भी छात्र की उपस्थिति 80ः होना अनिवार्य है।
16. यदि कोई विद्यार्थी विद्यालय में उपस्थित होने के बाद किसी भी घण्टी में अनुपस्थित होता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। इसके अतिरिक्त यदि कोई विद्यार्थी किसी भी अनाचार, दुव्यवहार और अनुशासन के विरूद्ध किसी भी क्रिया - कलाप में दोषी पाया जाता है , तो उसे विद्यालय से निष्काषित किया जा सकता है।
17. अनुशासनहीनता/उदण्डता करने वाले छात्रों को कभी भी विद्यालय में स्थान नहीं दिया जायेगा।
18. पठन - पाठन के समय छात्र/छात्राओं को स्कूल छोड़ना निषेध है , अतः अभिभावको का निवेदन निरर्थक होगा।
19. सभी छात्र/छात्राओं को सह - पाठ्यक्रम के अतिरिक्त प्रार्थना सभा , आम सभा , सांस्कृतिक, कार्यक्रमों खेल - कूद और अन्य क्रिया - कलापों में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी तथा समाज कल्याण कार्यक्रम आदि में भाग लेना होगा। कोई भी छात्र/ छात्रा इससे वंचित नहीं रह सकता है।
20. यदि कोई छात्र/छात्रा किसी संक्रामक रोग से पीड़ित है तो उसे विद्यालय नहीं आना चाहिए।
21. कक्षा में अनुपस्थित होने पर अगले दिन विद्यालय आने पर डायरी के निर्धारित स्थान पर ही स्मंअम समजजमत लिखकर लाना अनिवार्य है। बीमारी की दशा में अनुपस्थित होने पर मेडिकल सर्टिफिकिट लाना अनिवार्य है।
22. अवकाश के लिए प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या से पूर्व स्वीकृति , लिखित प्रार्थना पत्र देकर प्राप्त करना आवश्यक होगा।
23. अनुपस्थित या देर से आने वाले छात्र / छात्रा प्रधानाध्यापक की अनुमति से ही कक्षा में बैठ सकते हैं।
24. स्कूल परिसर के बाहर किसी छात्र / छात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय की नहीं होगी।
25. पाठ्य सामग्री के अतिरिक्त कोई छात्र/छात्रा ट्रांजिस्टर , रेडियो , मोबाइल, पाकेट बुक्स , पत्रिका, कॉमिक्स आदि वस्तुएँ विद्यालय में लाना वर्जित है। इस नियम का उल्लंघन करने पर , विद्यालय से निष्काषित कर दिया जायेगा।
26. लगातार 5 दिनों तक बिना सूचना दिए अनुपस्थित होने पर विद्यार्थी का नाम रजिस्टर से काट दिया जायेगा , पुनः प्रवेश के लिए स्कूल द्वारा निर्धारित अर्थदण्ड देना होगा।
27. कोई भी छात्र/छात्रा किसी भी प्रकार का सोने व चाँदी का आभूषण पहनकर विद्यालय न आयें क्योंकि गायब हो जाने पर विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं होगी।
28. बस में आने - जाने वाले बच्चों को बस में अनुशासित रहना अनिवार्य है।
29. एक बार निष्काषित किए जाने पर पुनः प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

माता - पिता से संबंधित अनुदेष

1. शिक्षा में माता - पिता का स्थान अनिवर्चनीय है क्योंकि हर शिशु का प्रथम शिक्षक माता - पिता होते हैं।
2. सभी माता -पिता/ अभिभावक अपने बच्चों को अनुशासित रखकर नियमित रूप से विद्यालय भेजें। सभी कार्यकलापों में सक्रिय भूमिका निभाकर विद्यालय प्रशासन का सहयोग करें।
3. माता - पिता/अभिभावक बच्चे के प्रतिदिन की पढ़ाई एवं गृहकार्य की जाँच अवश्य करें।
4. सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि वे प्रतिदिन बच्चों की कापी व डायरी की जाँच करें और यदि शिक्षकों द्वारा कोई भी सूचना दी गई हो , तो उसे अवश्य पढ़कर हस्ताक्षर करें।
5. अपने बच्चों के प्रगति के बारे में जानकारी लेने के लिए प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या से परामर्श लें। परामर्श का समय प्रातः 9ः30 बजे से 10ः30 बजे तक है।
6. विद्यालय अवधि में छात्रों से मिलने की अनुमति नहीं है। भोजन/नाश्ता केवल मध्यावकाश में ही दिया जा सकता है।
7. विद्यालय द्वारा अभिभावकों को दी गई सूचना का प्रत्युत्तर एक सप्ताह के अन्दर देना आवश्यक है।
8. अभिभावकों की शिकायत/सुझाव/प्रार्थना पर सहानुभूति पूर्वक ध्यान दिया जायेगा, परन्तु /प्रधानाचार्या या किसी भी स्टाफ के साथ अभद्र या असभ्य व्यवहार करने की दशा में छात्र/अभिभावक/परिवार के लोगों की विद्यालय में स्थान नहीं मिलेगा।
9. सभी अभिभावकों से आशा की जाती है कि वे विद्यालय के प्रगति - पथ पर अग्रसर होने में हर प्रकार का सहयोग करें।
10. अभिभावकों से अनुरोध है कि वे शिक्षक - अभिभावक संघ संगोष्ठी में आवश्यक रूप से भाग लें एवं अपने महत्वपूर्ण विचारों का आदान - प्रदान करें।
11. अपने बच्चों को टिफिन के साथ ही विद्यालय भेजें।
12. विद्यालय में किसी भी प्रकार का शुल्क बिना पूर्व सूचना के नहीं जमा कराया जाता है। इसलिए /पिता और अभिभावक अनावश्यक रूप से अपने बच्चों के हाथ में पैसे न दें।
नोट - आने वाले समय में आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय के नियमों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या सुधार करने का अधिकार विद्यालय के व्यवस्थापक पर निहित है।